आरक्षण
आरक्षण का बवाल है,
आरक्षण का सवाल है.
ये दलित हैं,
ये ग़रीब हैं,
ये अल्पसंख्यक हैं,
ये निसहाए हैं,
इनके आरक्षण का बवाल है,
बिन मेहनत के रोटी का सवाल है.
ये अनपढ़ हैं,
ये नासमझ हैं,
ये बेकार हैं,
ये बेरोज़गार हैं,
इनके आरक्षण का बवाल है,
बिन पढ़ाई के डिग्री का सवाल है.
ये शोषित हैं,
ये क्षोभीत हैं,
ये सताए गाये हैं,
ये दुत्कारे गाये हैं,
इनके आरक्षण का बवाल है,
अब इनके शोषण करने का सवाल है.
अमू.